नैसर्गिक सुंदरता

सांवले सलोने चेहरे पर
चमकती सफेद दंत पंक्ति,
खूबसूरत उन्हें बनाती है।

खेतों में काम करती महिलाएं,
हंसी -ठिठोली करते -करते
काम निपटाती हैं।

नपी तुली देह,
चंचल निगाहें,
साड़ी में लिपटी
वे सशक्त महिलाएं,
नैसर्गिक सौंदर्य की प्रतिमाएं नजर आती हैं।

मांग भर सिंदूर
काजल भरी आंखें,
आत्मविश्वास से परिपूर्ण नजर आती है।

पति के संग
कंधे से कंधा मिलाती,
गृहस्ती का बोझ उठाती,
तनिक नहीं घबराती हैं।

उनकी यही सब खूबियां,
उन्हें इस संसार में,
बेहद खूबसूरत बनाती हैं
निमिषा सिंघल

Related Articles

प्यार अंधा होता है (Love Is Blind) सत्य पर आधारित Full Story

वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ। निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥ Anu Mehta’s Dairy About me परिचय (Introduction) नमस्‍कार दोस्‍तो, मेरा नाम अनु मेहता है। मैं…

दुर्योधन कब मिट पाया:भाग-34

जो तुम चिर प्रतीक्षित  सहचर  मैं ये ज्ञात कराता हूँ, हर्ष  तुम्हे  होगा  निश्चय  ही प्रियकर  बात बताता हूँ। तुमसे  पहले तेरे शत्रु का शीश विच्छेदन कर धड़ से, कटे मुंड अर्पित करता…

Responses

New Report

Close