न करना मन दुःखी

न करना मन दुःखी
किसी की बातों से
ये तो दुनिया है
रुला देगी, तुम्हें बातों से।
भरोसा हो उसी पर
जो समझता हो तुम्हें
न जुडना भूल कर भी
खुदगरज के नातों से

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Responses

  1. बहुत ही उत्तम संदेश दिया है सतीश जी आपने ऐसे ही सावन मंच को सजाते रहिए

  2. कवि सतीश जी ने अपनी इस कविता में एक बहुमूल्य संदेश दिया है
    कि कुछ लोग ज़िन्दगी में यदि परेशान करें तो हमे परेशान नहीं होना है और अपनी जगह बनाते हुए आगे बढ़ने की प्रेरणा दी है ।
    बहुत ही सुन्दर सन्देश और बहुत सुंदर प्रस्तुतिकरण

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