पता

मैं एक नज़्म तेरी आँखों मे सजा कर,
पलकों पे तेरी ख़ुद का पता लिख जाऊंगा.
खुर्दबीन से भी ग़र मैं अब नज़र नहीं आता,
देखो गिरेबाँ अपना.. शायद वहीं मिल जाऊंगा.


लगातार अपडेट रहने के लिए सावन से फ़ेसबुक, ट्विटर, इन्स्टाग्राम, पिन्टरेस्ट पर जुड़े| 

यदि आपको सावन पर किसी भी प्रकार की समस्या आती है तो हमें हमारे फ़ेसबुक पेज पर सूचित करें|

3 Comments

  1. Poonam singh - August 12, 2019, 1:57 pm

    Nice

Leave a Reply