परम सुख मिलने ब्रह्मचर्य से

ब्रह्मचर्य है तो जिन्दगी है,
अन्यथा जिन्दगी दुःखों का जड़ है ।।
कवि विकास कुमार

Related Articles

ब्रह्मचर्य

सर्वदा होश की अवस्था हैं ब्रह्मचर्य विषयों से अनासक्त का नाम हैं ब्रह्मचर्य पूर्व संस्कार का पूर्ण रुपेण त्याग हैं ब्रह्मचर्य ब्रह्मचर्य कुछ भी नहीं…

Responses

+

New Report

Close