पर्यावरण को है सजाना

मानव जाति पर प्रहार करते
नित नए रोगों को देखो
किस तरह बर्बाद करने
पर तुले हैं जिंदगी को।
झकझोर करके रख दिये हैं
सैकड़ों परिवार देखो
ला खड़ा करके सड़क पर
रख दिया है जिंदगी को।
रोग जो यह आ रहे हैं
जिंदगी पर काल बनकर
प्रकृति से छेड़छाड़ ही है,
इन सभी का मूल कारण।
इसलिए पर्यावरण पर
ध्यान देना है जरुरी,
पर्यावरण में संतुलन हो
ध्यान देना है जरुरी।
पेड़ – पौधों को न काटो,
बल्कि खाली भूमि पर
विकसित करो तुम जंगलों को
हरियाली सजा दो भूमि पर।
जीव जो हैं जंगलों के
जिंदगी जीने दो उनको
मार कर खाओगे यदि
रोगों से मारोगे स्वयं को।
चीन चमगादड़ चबाकर
किस तरह संसार को
ले गया है मौत के मुंह तक
स्वयं ही देख लो।
इसलिए होकर सजग
पर्यावरण को है सजाना,
स्वच्छ रख प्रकृति को
इस जिंदगी को है बचाना।
——– डॉ. सतीश पांडेय


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16 Comments

  1. Kumar Piyush - August 12, 2020, 10:37 pm

    आनंद आ गया, सच को सामने लाती कविता।

  2. मोहन सिंह मानुष - August 12, 2020, 10:50 pm

    ,, बहुत ही सराहनीय

  3. Sulekha yadav - August 12, 2020, 11:05 pm

    nice

  4. Shraddha Forest - August 13, 2020, 7:52 am

    सुंदर, प्रासंगिक रचना

  5. An Ordinary Artist - August 13, 2020, 10:29 am

    Very nice

  6. Piyush Joshi - August 13, 2020, 12:02 pm

    पर्यावरण की रक्षा को बेहतरीन संदेश

  7. Satish Pandey - August 13, 2020, 12:05 pm

    धन्यवाद

  8. Pt, vinay shastri 'vinaychand' - August 13, 2020, 1:36 pm

    Atisunder

  9. MS Lohaghat - August 13, 2020, 9:34 pm

    bahut khoob

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