पीले खेत

आया है मधुमास
मास माघी का पावन।
नव किसलय तरु शोभित
क्या उपवन क्या कानन।।
फूलों की क्यारी
सज गई सारी
रंग-बिरंगे फूलों से।
कोयल काली
तरु की डाली
झूले नित झूलों से।।
पीली सरसों पीले खेत
जिमि सजनी संग साजन।


लगातार अपडेट रहने के लिए सावन से फ़ेसबुक, ट्विटर, इन्स्टाग्राम, पिन्टरेस्ट पर जुड़े| 

यदि आपको सावन पर किसी भी प्रकार की समस्या आती है तो हमें हमारे फ़ेसबुक पेज पर सूचित करें|

1 Comment

  1. Geeta kumari - February 5, 2021, 10:04 pm

    खेतों का बहुत सुंदर वर्णन प्रस्तुत किया है कवि विनय चंद शास्त्री जी ने । सुन्दर रचना

Leave a Reply