पृथ्वी दिवस(पृथ्वी की पुकार)

आज यह धरती माता,कर रही हम सब से यह पुकार है।
मुझसे जन्मा अस्तित्व तेरा,और मुझसे ही यह संसार है।।
मत करो क्षरण प्राकृतिक संसाधनों का,
रोपो सब मिलकर वृक्ष कई रोशन होगा सबका कुनबा,
चहुंओर बिछेगी हरियाली,
नदियां देंगी स्वर् कल कल का,
चरणों में अमिता करती वंदन हर क्षण मां तेरा आभार है।
तुझसे जन्मा अस्तित्व मेरा और तुझसे ही यह संसार है।।

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Responses

  1. धरती मां के चरणों में अमिता की अप्रतिम रचना।
    बधाई हो और सदैव ऐसे ही लिखती रहो।

  2. आज यह धरती माता कर रही सबसे पुकार है,
    मुझ से जन्मा अस्तित्व तेरा मुझसे ही यह संसार है,
    धरती माता का आभार प्रकट करते हुए बहुत सुंदर रचना

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