प्यार अंधा होता है (Love Is Blind)

प्यार सच में अँधा होता है या फिर अँधा और बहरा दोनों हो जाता है, ना ही कुछ देखता है, ना ही कुछ सुनता है, बस अपनी ही जिद पर ठहरा होता है……..
ये कहानी एक राजपूत परिवार की लड़की जिसका नाम आरती है और दूसरी ओर मुस्लिम परिवार का लड़का जिसका नाम जफर खान हैं। दोनों एक दूसरे से बहुत अलग हैं लेकिन क्या उन्हें एक दूसरे से प्यार हो पायेगा चलिए जान लीजिये आप खुद ही।
जफर खान बचपन से एक आलिशान घर, गाडी, और रहन-सहन में पला बड़ा है, वही आरती बचपन से अपने परिवार को संघर्ष करती देख बड़ी होती है उससे अपने जिम्मेदारी का एहसास होने लगा। आरती के पास ज्यादा पैसे न होने के कारण से वो ज्यादा पढ़-लिख ना सकी, वही दूसरी और सब कुछ होने के बाद भी जफर खान को पढ़ने – लिखने का मन ना होने के कारण पढ़ ना सका। वक़्त के साथ साथ दोनों बड़े हुए अपने अपने रहन-सहन से।
आरती को घूमने – फिरने का बहुत शौक था। वो एक बिंदास लड़की थी। वो अपने परिवार में अपने पापा से बहुत प्यार करती थी। आरती अपनी परिवार के साथ किराये के रूम में रहती थी। वही दूसरी ओर जफर खान भी किराये के रूम में रहने लगा क्योंकि वो बिलासपुर (Bilaspur) से बद्दी (Baddi) ट्रेनिंग(training) करने के लिए आया था। और जफर खान के माँ बाप बिलासपुर (Bilaspur) में रहते थे यहाँ बद्दी(Baddi) में उसका कोई नहीं था।
एक ओर आरती एक छोटी सी कंपनी में काम करने लगी और वही दूसरी ओर जफर खान कंपनी में ट्रेनिंग(training) करने लगा…..
आरती एक Eureka Forbes Ltd कंपनी में नौकरी करती थी यह आरती कि पहली नौकरी थी जफर खान भी उसी कंपनी में नौकरी करता था। धीरे- धीरे आरती और जफर खान में दोस्ती हो गयी। दोनों रोज साथ में ऑफिस आने जाने लगे, रोज दोनों कि बाते भी ऑफिस के बाद में देर तक फोन पर होने लगी यह सिलसिला ऐसे ही चलता रहा और कुछ महीनो के बाद यह दोस्ती प्यार में बदल गयी।
फिर देर रात तक फोन पर बाते करना एक दुसरे से सब कुछ बताना साथ में घूमना फिरना यह सब बढ़ने लगा और आरती और जफर खान एक दुसरे के प्यार में डूबते चले गये और दोनों के बीच प्यार बहुत ही गहरा हो गया। और यह सब ऐसे ही चलता रहा आरती और जफर खान के घर पर भी आने जाने लगी…..
एक दिन आया जब आरती का जन्मदिन था, जफर खान ने आरती के लिए 100 रुपये में इतनी सारी चीजें ला कर दी, आरती बहुत खुश थी। उसको कुछ खास (something special) महसूस हो रहा था।
मैं समझ सकती हूँ कि प्यार को किसी दिन का इंतजार नहीं होता। लेकिन कुछ स्पेशल दिन के बहाने प्यार को और भी गहरा किया जा सकता है। पर आरती जफर खान प्यार में उसके प्यार में इतनी अंधी हो चुकी थी या फिर ये बोले कि आरती इस कदर जफर खान के प्यार में डूब चुकी थी कि वो जफर खान के बिना एक दिन एक पल भी नहीं रह पा रही थी। आरती दो साल के रिश्ते (relationship) को इतनी important दे रही थी, कि वो 20 साल को के प्यार को भूल चुकी थी उसको अपने मम्मी पापा का प्यार भी कम दिखाई दे रहा था। उसके मम्मी पापा को जब ये बात पता चली आरती के पापा ने आरती को बहुत मारा- पीटा फिर उसके बाद बहुत समझाया पर आरती के दिमाग में जफर खान के प्यार का भूत सवार था। आरती ने जफर खान के साथ रजिस्ट्रार के आफिस में जाकर शादी भी कर ली थी दोनों की शादी पर कानून की भी मुहर लग गई है दोनों पति पत्नी बन गए आरती कि यह बात रिया के घरवालो को पता चल गयी और उन्होंने आरती कि नौकरी छुडवा दी जिसके कारण जफर खान ने अपना रूम बदल दिया और दुसरे जगह पर रहने लगा। आरती के पापा ने आरती से सारे रिश्ते नाते तोड़ दिए पर आरती को इस बात का बहुत दुख हुआ उसकी ऐसी गलती को उसके पापा उसे इतने दूर हो जायेंगे, कभी इस दुनिया में वापस नहीं आयेगे, पापा की मौत का जिम्मेदार आरती खुद को मानती है।
Be continuing….

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