प्रणय निवेदन मेरे तू ही प्रीत है

✍?गीत ?✍

प्रणय निवेदन मेरे तू ही प्रीत है।
तू ही आरजू है तू ही मीत है।।
रस्मे वफा की कसम
तेरी याद है इस दिल मे
सिवा नही कोई मेरे
चाहत-ए-महफिल मे मेरे ख्वाहिश है तू तू ही गीत है । प्रणय निवेदन मेरे तू ही गीत है।।
मेरी मुस्कान जानेजां
मेरा तू ही नसीब है
मन मे जो बसाया हूं
वही ख्याले हबीब है
मेरे नगमा-ए-नूर तू संगीत है।
प्रणय निवेदन मेरे तू ही गीत है।।
उम्मीद की किरण मेरी
मेरी नयन का सुकून तू
तू ही ख्वबो-खयाल मेरे
ऊमंगो का नव जुनून तू
मेरी महबूबा दिलबर मनमीत है।
प्रणय निवेदन मेरे तू ही गीत है।।

श्याम दास महंत
घरघोडा
जिला-रायगढ (छग)
✍??????✍

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