प्रार्थना

हे ईश्वर!
मेरे मन के गहन तमस में,
आशा का उजाला भर दो।
मैं तुझ में ही खो जाऊं,
कुछ ऐसा मुझको कर दो।
चरणों में तेरे वंदन,
बस शीश झुका हो मेरा।
हो जाए कृपा यदि तेरी,
जीवन यह सफल तब मेरा।

निमिषा सिंघल

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12 Comments

  1. Kumari Raushani - October 31, 2019, 5:18 am

    उम्दा पोस्ट

  2. nitu kandera - October 31, 2019, 7:19 am

    Nice

  3. Poonam singh - October 31, 2019, 4:01 pm

    Nice

  4. महेश गुप्ता जौनपुरी - November 3, 2019, 8:42 pm

    वाह बहुत सुंदर

  5. nitu kandera - November 8, 2019, 10:35 am

    Good

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