प्रिय बापू

मेरे प्रिय बापू
रंग गोरा काला कहकर रंग भेद की आग जलती हैं,तबतब इस चिगांरी बुझाने को मसीहा तेरी कमी खलती हैं।तब तब आगे बढ़ने को प्रिय बापू आप मुझे प्रेरित करते हैं।।
उँच नीच ,जात-पात पर आज भी दाग दिए जाते हैं,जब जब मन्दिर मस्जिद में हरिजन रोके जाते हैं,।तब तब आगे बढ़ने को प्रिय बापू आप मुझे प्रेरित करते हैं।।
सस्ती महँगाई के दौर में आज भी कितने भूखे सोते हैं,अमीर खाना खाता हैं गरीब जहा रोते है, तब तब प्रिय बापू आप मुझे प्रेरित करते है।।
जब दहेज के नाम पर आज भी औरत जलायी जाती हैं,हिन्दु मुस्लिम के नाम पर आग भड़कायी जाती हैं,जब राजनीति के दंगाई जनता को सताती हैं,।तब तब आगे बढ़ने को प्रिय बापू आप मुझे प्रेरित करते हैं।।
जब लड़का लड़की के नाम पर कन्या भ्रूण हत्या होती हैं,तब हमारी शासन सत्ता कहाँ जाकर सोती हैं।तब तब आगे बढ़ने को प्रिय बापू आप मुझे प्रेरित करते हैं।।
भावना सरोज(M.Sc, B.Ed) मुरादाबाद

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