प्रेम और विज्ञान

एक महान विज्ञानी का कथन है…
‘हर क्रिया की बराबर किंतु विपरीत
प्रतिक्रिया होती है’..!!
प्रेम करने वाले इस तथ्य के जीवंत
उदाहरण हैं….
समाज ने जितनी तत्परता से रचे हैं
प्रेमियों को एक दूजे से दूर
करने के षड्यंत्र…
प्रेम उतने ही वेग से गहरी पैठ बनाता
गया है प्रेमियों के हृदयों में…!!
वास्तव में विज्ञान के समस्त सिद्धांतों
की व्याख्या हेतु प्रेम सर्वोत्तम
माध्यम है…!!

©अनु उर्मिल ‘अनुवाद’

Published in मुक्तक

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Responses

  1. वाह अनु जी बहुत ख़ूब, ,
    “वास्तव में विज्ञान के समस्त सिद्धांतों
    की व्याख्या हेतु प्रेम सर्वोत्तम
    माध्यम है…!!”
    _____हा हा शायद आप ठीक ही कह रही हैं। जबरदस्त अवलोकन है आपका,कुछ देखा ही होगा। उत्तम लेखन

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