फिर कोई नज्म गुनगुनाता हूँ…

#shayri 2liner
जब तेरी याद आती है
चला आता हूँ,
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फिर कोई नज्म गुनगुनाता हूँ….

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दुर्योधन कब मिट पाया:भाग-34

जो तुम चिर प्रतीक्षित  सहचर  मैं ये ज्ञात कराता हूँ, हर्ष  तुम्हे  होगा  निश्चय  ही प्रियकर  बात बताता हूँ। तुमसे  पहले तेरे शत्रु का शीश विच्छेदन कर धड़ से, कटे मुंड अर्पित करता…

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