बचपन और बुढ़ापा

जीवन तरु की नई कोंपल है बचपन, कोंपल से बनी शाखा युवापन |
शाखाओं से झुका वृक्ष बूढ़ापन, यही चक्र है बचपन, युवा और बूढ़ापन |
खेल खिलौनों में गुजरा प्यारा बचपन, यादें जीवन की सँजोए हुये है बूढ़ापन |
जीवन का यात्रावृतांत बूढ़ापन, सपनों का संसार है बचपन |

बचपन सुबह और बुढ़ापा शाम सा है, एक उमंग की रसवेरी, और दूजा चूसा आम सा है |
बचपन एक फूल की बगिया, बुढ़ापा एक नदी का दरिया |
बसंत की मधुर बहार बचपन, पौष की कंपाती ठंड बूढ़ापन |
तन दुर्बल, मन आहत्, निर्झर काया, यादों की गीता सी बूढ़ापन का साया |

बचपन करता बचकाना हरकत, बूढ़ापन लाता जीवन से नफरत |
जीवन रुपी चक्की में हंसता बचपन, इसके पाटों में पिसता बूढ़ापन |
खुशियों का सागर बचपन, यादों, पश्चातापों का भँवर बूढ़ापन |

Related Articles

प्यार अंधा होता है (Love Is Blind) सत्य पर आधारित Full Story

वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ। निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥ Anu Mehta’s Dairy About me परिचय (Introduction) नमस्‍कार दोस्‍तो, मेरा नाम अनु मेहता है। मैं…

दुर्योधन कब मिट पाया:भाग-34

जो तुम चिर प्रतीक्षित  सहचर  मैं ये ज्ञात कराता हूँ, हर्ष  तुम्हे  होगा  निश्चय  ही प्रियकर  बात बताता हूँ। तुमसे  पहले तेरे शत्रु का शीश विच्छेदन कर धड़ से, कटे मुंड अर्पित करता…

Responses

New Report

Close