बन निडर

छोङ न अपनी
लगन में कोई कसर
दुनिया देखती रह जाएं
मेहनत का असर,
साहसी बन तू
तू हो निडर
हाँ यू हीं हो तू
प्रगति पथ पर अग्रसर ।


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5 Comments

  1. Pragya Shukla - December 15, 2020, 11:52 pm

    बहुत बहुत सराहनीय एवं प्रेरणादायक पंक्तियां जिन्हें पढ़कर कोई भी प्रगतिपथ पर अग्रसर हो जाएगा

  2. Praduman Amit - December 16, 2020, 4:48 am

    आपकी कविता ये आशा की किरण झलकती है। कविता अच्छी है।

  3. Sandeep Kala - December 16, 2020, 8:29 am

    बहुत ही अच्छा

  4. Geeta kumari - December 16, 2020, 11:26 am

    सुन्दर रचना

  5. Pt, vinay shastri 'vinaychand' - December 16, 2020, 10:20 pm

    अतिसुंदर

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