बम लहरी, बम बम लहरी

बम लहरी, बम बम लहरी

(शिव महोत्सव विशेष)

शिव शम्भू जटाधारी, इसमें रही क्या मर्जी थारी,
सर पे जटाएं, जटा में गंगा, हाथ रहे त्रिशूलधारी।
गले से लिपटे नाग प्रभू, लगते हैं भारी विषधारी,
असाधारण वेश बना रखा, क्या रही मर्जी थारी।।

भुत-प्रेत, चांडाल चौकड़ी, करते सदा पूजा थारी,
राक्षस गुलामी करते सारे, चमत्कारी शक्ति थारी।
शिवतांडव, नटराज नृत्यकला नहीं बराबरी थारी,
मस्तक त्रिनेत्र खुले तो प्रभू, हो जाए प्रलय भारी।।

ब्रह्मा विष्णु देवी देवता भी अर्चना करते हैं थारी,
पुत्र गणेश प्रथम देवता, पार्वती मां पत्नी थारी।
हे शिव शंकर बम लहरी प्रजा पीड़ित क्यों थारी,
बम लहरी बम बम लहरी, बड़ी कृपा होगी थारी।।

विनती सुनो हे कालजय तीनों लोक है जय थारी,
कोरोना बाढ़ भूकंप प्रलय से, रक्षा करो थे म्हारी।
भ्रष्टाचार, महंगाई से भी पीड़ित जन प्रजा थारी,
भू-मण्डल सुरक्षित कर दो प्रभू कृपा होगी थारी।।

शिव शम्भू, जय जटाधारी, कृपा होगी थारी भारी,
शिवरात्री तिलक भोग लगावें बलिहारी प्रजा सारी।
भक्त के वश में भगवन् सारे, फिर कैसी मर्जी थारी,
कृपा करो हे दीना नाथ, विनती करे सब नर नारी।।

राकेश सक्सेना, बून्दी, राजस्थान

Related Articles

दुर्योधन कब मिट पाया:भाग-34

जो तुम चिर प्रतीक्षित  सहचर  मैं ये ज्ञात कराता हूँ, हर्ष  तुम्हे  होगा  निश्चय  ही प्रियकर  बात बताता हूँ। तुमसे  पहले तेरे शत्रु का शीश विच्छेदन कर धड़ से, कटे मुंड अर्पित करता…

प्यार अंधा होता है (Love Is Blind) सत्य पर आधारित Full Story

वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ। निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥ Anu Mehta’s Dairy About me परिचय (Introduction) नमस्‍कार दोस्‍तो, मेरा नाम अनु मेहता है। मैं…

Responses

New Report

Close