बयां करती है

बिस्तर की सलवटें, शबे-हाल बयां करती है।
भीगा सिरहाना, हिज़्रे-मलाल बयां करती है।

बेशक लाख छुपाओ, ग़मे-जुदाई का दर्द लेकिन,
बेरंग सा चेहरा, बेनूर हुस्नो-जमाल बयां करती है।

मुस्कुराहट के पीछे, गम छुपाने का हुनर आता है ‘देव’,
फिर भी तसव्वुर तेरी, महबुबे-खयाल बयां करती है।

देवेश साखरे ‘देव’

Related Articles

प्यार अंधा होता है (Love Is Blind) सत्य पर आधारित Full Story

वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ। निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥ Anu Mehta’s Dairy About me परिचय (Introduction) नमस्‍कार दोस्‍तो, मेरा नाम अनु मेहता है। मैं…

मलाल

मुझे ताउम्र ये मलाल रहेगा तुम क्यों आये थे मेरी ज़िन्दगी में ये सवाल रहेगा जो सबक सिखा गए तुम वो बहुत गहरा है चलो…

Ai savan ki fuhar

आई सावन की फुहार , छाई रूत में खुमार, घटाएं छाई है घनघोर, रह-रहकर दामिनी दमके, हवाएं मचा रही शोर, बारिश की लगी है झडी,…

Responses

New Report

Close