बारिश को हद में रहना होगा

कोई बारिश से कहदे, उसको हद में रहना होगा
गर बरसना है तो हमारी शर्तों पर बरसना होगा

बेलगाम, बेखौफ, बेवक्त कहीं भी यूं बरस पड़ना
और झमाझम बरस के सड़कों पर हंगामा करना
ये माना कि हर तरफ पीने के पानी की कमी है
लेकिन जीव पर अत्याचार, बारिश की बेरहमी है
यहाँ पर बरसने को प्रशासन की मंजूरी जरूरी है
व्यवस्था से बगावत करना तो बर्दाश्त नहीं होगा

यहाँ सड़कों में गढ़ढ़े और खुले मेनहोल आम है
गटर और गंदे नाले अवरुद्ध, जर्जर मकान हैं
मजबूरों के घर, हल्की बारिश से ढह सकते हैं
खुले आसमां के नीचे आज भी करोड़ों रहते हैं
प्रशासन सोया हुआ है, उसको जगाना निषेध है
बारिश की ऐसी मनमानी तो बर्दाश्त नहीं होगी

स्थानीय जरूरतों का ध्यान रखके बरसना होगा
दिन में निषेध है रात तक सीमित रखना होगा
आम जीवन प्रभावित ना हो, इसका खयाल रहे
पुराने पुल और बांधों की हिफाज़त करना होगा
सड़क पे घुटनों तक पानी का ठहरना निषेध है
‘योगी’ बारिश का उत्पात तो बर्दाश्त नहीं होगा

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7 Comments

  1. देवेश साखरे 'देव' - September 12, 2019, 10:34 am

    Nice

  2. महेश गुप्ता जौनपुरी - September 12, 2019, 10:57 am

    वाह जी वाह

  3. Poonam singh - September 12, 2019, 1:47 pm

    Wahh

  4. राही अंजाना - September 12, 2019, 2:31 pm

    वाह

  5. Yogesh Chandra Goyal - September 12, 2019, 3:24 pm

    आप सभी का शुक्रिया और आभार

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