बाल गीत

तूफानों से लड़ना होगा ,
कांटों पर भी चलना होगा
फूलों सा महकना होगा,
सूरज का चमकना होगा,
दुनिया को बदलना होगा ,
जग से आगे चलना होगा ।

१.भ्रष्टाचार घोटालों ने हम सबको पीछे फेंक दिया,
अगवा और डकैती ने दुख चैन सभी का लूट लिया।
भ्रष्टाचार मिटाना होगा ,
शांति मंत्र सिखाना होगा ,
चोर,लुटेरे, डाकू सब का तांडव हमें मिटाना होगा।

२. आन तिरंगा मान तिरंगा समझो तो है जान तिरंगा ,
लहर -लहर लहराना होगा ,
परचम फिर फहराना होगा ।
“बीता काल बड़ा था मुश्किल ,
ना धरती अंबर पर हक”
भूल गए जो बलिदानों को ,
उनको याद दिलाना होगा ,
बलिदानों के अंगारों फिर से हमें सुलगाना होगा।

३. साक्षरता की बन मशाल,
जग को फिर आज सिखाना होगा,
स्वच्छ रहो आबाद रहो ,
यह ज्ञान का दीप जलाना होगा ।
देश प्रेम में जलना होगा,
हमको कुंदन बनना होगा ,
तूफानों से लड़ना होगा ,
कांटो पे भी चलना होगा।
फूलों सा महकना होगा, सूरज सा चमकना होगा ।
दुनिया को बदलना होगा, जग से आगे चलना होगा ।

निमिषा सिंघल

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13 Comments

  1. महेश गुप्ता जौनपुरी - September 9, 2019, 9:53 pm

    वाह बहुत सुंदर रचना

  2. ashmita - September 9, 2019, 11:02 pm

    Nice

  3. देवेश साखरे 'देव' - September 10, 2019, 12:10 am

    Nice

  4. NIMISHA SINGHAL - September 10, 2019, 7:55 am

    🙏🙏

  5. राम नरेशपुरवाला - September 12, 2019, 11:06 pm

    👍

  6. NIMISHA SINGHAL - September 13, 2019, 11:06 am

    Thanks

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