बा-अदब बे-हिसाब हूँ पीता

बा-अदब बे-हिसाब हूँ पीता

फिर पूछते हो क्यों हूँ पीता

नशा तेरे इश्क का है इतना सख्त

तोड़ने को उसका सरुर मैं हूँ पीता

                         …….. यूई

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