बिहार की गौरव गाथा

गर्व हमें है इस भूमि पर,जिस पर हमने जन्म लिया
कर्म है मेरा उसे संवारना,जिसने हमपर उपकार किया । मातृभूमि वह मेरी, जहाँ महावीर ने अवतरण लिया कर्मभूमि वह मेरी,बुद्ध ने जहाँ अहिंसा का वरण किया
कौटिल्य का जो सपना,मौर्य ने जिसे अपना था लिया
गर्व—
कभी सूर्य सा दमकता, जिसकी गौरव गाथा थी
राज्य नहीं देश नहीं,विश्व की बनी परिभाषा थी
अशिक्षा गरीबी भूखमरी भ्रष्टाचार नहीं
ज्ञान विज्ञान विकास जिसकी अभिलाषा थी
आज फिर उसी कृति को पाने का संकल्प लिया
गर्व—
आर्यभट्ट सा हल बालक गणितज्ञ बने
वीर कुंवर सिंह की सबमें झलक मिले
हिंसा छोङ अहिंसा अपनाने की ,अशोक सी शक्ति मिले
सीता गार्गी यशोधरा सी हर बाला में भक्ति मिले
भूलों को पहचान,अग्रसर होने का संकल्प लिया
गर्व—
हर विद्यालय को नालन्दा सी पहचान मिले
मेरे बिहार ,हर बिहारी को,सबसे ज्यादा सम्मान मिले
विश्व के हर कोणे में,नि:संकोच विचरण करें
सत्य विश्वास त्याग और उन्नति का दर्पण बनें
नि:स्वार्थ- प्रेम विश्व -भातृत्व का हमने वरण किया
गर्व—
सुमन आर्या

Related Articles

दुर्योधन कब मिट पाया:भाग-34

जो तुम चिर प्रतीक्षित  सहचर  मैं ये ज्ञात कराता हूँ, हर्ष  तुम्हे  होगा  निश्चय  ही प्रियकर  बात बताता हूँ। तुमसे  पहले तेरे शत्रु का शीश विच्छेदन कर धड़ से, कटे मुंड अर्पित करता…

जंगे आज़ादी (आजादी की ७०वी वर्षगाँठ के शुभ अवसर पर राष्ट्र को समर्पित)

वर्ष सैकड़ों बीत गये, आज़ादी हमको मिली नहीं लाखों शहीद कुर्बान हुए, आज़ादी हमको मिली नहीं भारत जननी स्वर्ण भूमि पर, बर्बर अत्याचार हुये माता…

प्यार अंधा होता है (Love Is Blind) सत्य पर आधारित Full Story

वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ। निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥ Anu Mehta’s Dairy About me परिचय (Introduction) नमस्‍कार दोस्‍तो, मेरा नाम अनु मेहता है। मैं…

Responses

New Report

Close