बेटी बचाओ,बेटी पढ़ाओ

बेटी बचाओ,बेटी पढ़ाओ

जिम्मेंदारी को जब उसने महसूस किया तो,
ऑटो रिक्शा भी चलाने लगती हैं वो !
पढ़ लिख के सक्षम होकर के वो अब,
अंतरिक्ष में वायुयान उड़ाने लगती हैं वो !!

कितने उदाहरण देखेंगे आप अब क्योकि,
हर क्षेत्र में सकती आजमाने लगी हैं वो !
पति की शहादत पे अर्थी को कांधा दे,
सुना हैं शमशान तक जाने लगी हैं वो !!

समस्त बाधाओं को वो हरती क्यों हैं,
कुछ बोलने से पहले वो डरती क्यों हैं !
प्रश्न ये ज्वलनशील है सबके सामने ये,
जन्म लेने से पहले कोख में मरती क्यों हैं !!


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2 Comments

  1. महेश गुप्ता जौनपुरी - September 9, 2019, 5:05 pm

    वाह बहुत सुंदर

  2. Abhishek kumar - November 25, 2019, 7:41 pm

    सुन्दर रचना

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