**बैंगनी चूड़ियां**

बैंगनी चूड़ियां
**************
तुमने पहली मुलाकात में
जो भेंट की थी बैंगनी चूड़ियां
उनकी खनक आज भी
कानों में गूंजती है
जब टूटा था हमारा
प्यार भरा रिश्ता
एक गलतफहमी से
तो चूंड़ियों का टूटा हुआ टुकड़ा
उठाकर मैं बहुत रोई थी
वो बैंगनी चूड़ियां मेरे हाथों की
शोभा बढ़ाती थीं
जब खनकती थीं तो
तेरी याद दिलाती थी
आज कितने अर्से के बाद
वो बैंगनी चूड़ियां मैंने अपनी
कलाई पर सजाई हैं
उनकी खनक से आज मेरी आँख भर आई है..


लगातार अपडेट रहने के लिए सावन से फ़ेसबुक, ट्विटर, इन्स्टाग्राम, पिन्टरेस्ट पर जुड़े| 

यदि आपको सावन पर किसी भी प्रकार की समस्या आती है तो हमें हमारे फ़ेसबुक पेज पर सूचित करें|

3 Comments

  1. vivek singhal - November 19, 2020, 10:55 am

    लाजवाब अतिउत्तम

  2. Pt, vinay shastri 'vinaychand' - November 21, 2020, 8:38 am

    सुंदर

Leave a Reply