भगाओ दूर चिंता को

रात भर के अंधेरे को
जिस तरह सूर्य ने आकर ,
भगाया एक ही क्षण में,
उस तरह आस का सूरज
उगाओ आप भी मन में।
भगाओ दूर चिंता को
नजर रख लक्ष्य पर अपनी
बढ़ो, पीछे न देखो तुम
सफलता होगी चरणों में।
अंधेरा मिट गया समझो
उजाला हो गया देखो,
उठो जागो बढ़ो आगे
सवेरा हो गया देखो।


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8 Comments

  1. vivek singhal - August 5, 2020, 9:24 am

    Good

  2. Geeta kumari - August 5, 2020, 9:31 am

    सुंदर भाव

  3. Pt, vinay shastri 'vinaychand' - August 5, 2020, 6:34 pm

    Atisunder kavita

  4. Kumar Piyush - August 13, 2020, 5:24 pm

    Good

  5. Satish Pandey - August 13, 2020, 5:39 pm

    thanks

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