भोजपुरी गजल- जब बसर होला |

भोजपुरी गजल- जब बसर होला |
केहु के नेह मे देह के ना खबर होला |
प्रेम के रोग ह ई बड़ा जहर होला |
केतनों समझावे केहु कबों ना मानेला |
बहक जाला कदम अइसन ई डहर होला |
प्यार तोहसे ना करी ई का कहलू तू |
चाहे करा रुसवा तनको ना असर होला |
दिहला काहे दिल तू बोला ये बिधाता |
निकसे ना केहु दिल जब उ ठहर जाला |
मिले प्यार मे धोखा ई का जरूरी बा |
खा के ठोकर भी ना केहु सुधहर जाला |
बनल दुशमन जमाना राह मोहब्बत मे |
प्यार भइला के रूप ना उमर होला |
प्यार ना करी त का करी दुनिया मे |
बहे आँख से आँसू दिल केहु बसर होला |

श्याम कुँवर भारती (राजभर)
कवि /लेखक /गीतकार /समाजसेवी
बोकारो झारखंड मोब -9955509286


लगातार अपडेट रहने के लिए सावन से फ़ेसबुक, ट्विटर, इन्स्टाग्राम, पिन्टरेस्ट पर जुड़े| 

यदि आपको सावन पर किसी भी प्रकार की समस्या आती है तो हमें हमारे फ़ेसबुक पेज पर सूचित करें|

10 Comments

  1. Praduman Amit - September 26, 2020, 8:17 pm

    वाह जी। राउर के ग़ज़ल में महत्वपूर्ण भाव बा।

  2. Pt, vinay shastri 'vinaychand' - September 26, 2020, 8:40 pm

    अतिसुंदर गजल

  3. Suman Kumari - September 26, 2020, 9:03 pm

    सुन्दर

  4. प्रतिमा चौधरी - September 27, 2020, 12:13 am

    बहुत सुंदर

  5. Satish Pandey - September 27, 2020, 11:33 am

    प्यार भइला के रूप ना उमर होला |
    प्यार ना करी त का करी दुनिया मे |
    बहे आँख से आँसू दिल केहु बसर होला |
    वाह वाह बहुत लाजवाब भोजपुरी गजल, waah

  6. Geeta kumari - September 27, 2020, 4:04 pm

    Nice

Leave a Reply