भोजपुरी गजल- प्यार के भिक्षा |

भोजपुरी गजल- प्यार के भिक्षा |
चलावा न तीर नजर गदर दिल पर मची जाई |
दम केकरा मे तोहरे नजर के असर बची जाई |
क़तल करे के छुरी भा तलवार का जरूरत बा|
फेरि दा नजर पल भर मे जान केहु छूटी जाई |
देखि के रूप सुनर हर केहु प्यार कइल चाहे |
डाल देबू नजर जेकरा उ दुनु हाथ लूटी जाई |
चाहे करा तू गुरूर जेतना दिल दे दा हमरा के |
करबू जे इंकार जान तड़प दिल केहु टूटी जाई |
आइल जवानी निखार बहार सगरो अइबे करी |
चला देबू बान मुस्कान परान केहु छूटी जाई |
बनी भिखारी कहे भारती प्यार के भिक्षा दे दा |
तोहरे बिना जान अरमान तन्हा ना बीत जाई |

श्याम कुँवर भारती (राजभर )
कवि /लेखक /गीतकार /समाजसेवी
बोकारो, झारखंड,मोब- 9955509286


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2 Comments

  1. Pt, vinay shastri 'vinaychand' - February 4, 2021, 9:17 pm

    बड़ निम्मन गजल वा

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