भोजपुरी पारंपरिक होली गीत – ये किसन कन्हईया |

भोजपुरी पारंपरिक होली गीत – ये किसन कन्हईया |
होली मे करेला काहे बलजोरिया
ये किसन कन्हईया |
चुनरिया रंग देला मारी पिचकरिया
ये किसन कन्हईया |
केतनो लुकाई जहवा भाग जाई |
खोजी हरदम हमके रंगवा लगाई |
मनबा ना त कहब यशोदा मईया |
ये किसन कन्हइया |
जब हम जाई यमुना किनरवा |
लुकाई भिंगाई देला मोर अंचरवा |
छोड़ेना ना हमके केवनों ठहियां |
ये किसन कन्हइया |
गोरे गाल रंग देला कइसन ढंग बा |
छूटे नाही कबों श्याम अइसन रंग बा |
मुसकाई मरोड़ देला कोमल कलईया |
ये किसन कन्हइया |
मीठी फुसलाई बुलावेला ठीक नईखे आदत |
फोड़ी मटकी भिंगावेला बिना हमरे इजाजत |
बिना रंगवा रंगईली राधा श्याम रंग देहिया |
ये किसन कन्हइया |
श्याम कुँवर भारती (राजभर )
कवि /लेखक /गीतकार /समाजसेवी
बोकारो, झारखंड,मोब- 9955509286


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8 Comments

  1. Geeta kumari - February 23, 2021, 10:11 am

    कान्हा जी के संग होली का पर्व मनाती हुई बहुत सुन्दर रचना

    • Shyam Kunvar Bharti - February 23, 2021, 2:36 pm

      हार्दिक आभार आपका गीता जी जय श्री राधे कृष्ण

  2. Pragya Shukla - February 23, 2021, 2:33 pm

    बहुत सुंदर

  3. Rakesh Saxena - February 25, 2021, 6:34 am

    होली का आनंद- भोजपुरी रचना के संग
    वाह

  4. Satish Pandey - March 1, 2021, 7:36 am

    चुनरिया रंग देला मारी पिचकरिया
    ये किसन कन्हईया |
    —— बहुत सुंदर पंक्तियां, बेहद मधुर भाव को समाहित करती उच्चस्तरीय कविता।

    • Shyam Kunvar Bharti - March 1, 2021, 11:57 pm

      हार्दिक आभार आपका पांडे जी जय किसन कन्हैया

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