भ्रम

हम भ्रम पाल लेते हैं, “मैंने ही उसे बनाया है”,
कभी सोचा तूने, भू-मण्डल किसने बसाया है।
भाई ये सब कर्मानुसार ही, ब्रह्मा की माया है,
कोई सूरमा आज तक, अमर नहीं हो पाया है।।

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