*”मंगलमय-सवेरा”*

जिंदगी का हँसी सवेरा है ,
दिल से इसका सभी सत्कार करो ।
बात करना ही है तो , कर डालो ,
खुल कर बस. प्यार की ही बात करो ।

जिंदगी को ना झंझटों में ,और उलझाओ ,
उलझनों की पहेली सुलझाओ।
गीत गाने का अगर सबका हो मन ,
नाचो -गाओ और सभी,गीत प्यार के गाओ।
जानकी प्रसाद विवश
प्यारे मित्रो ,
सरदी के मौसम का स्वागत
सुप्रभात …गरमागरम शुभकामनाएँ
सपरिवारसहर्ष स्वीकार करें ………….।
आपका अपना मित्र
जानकी प्रसाद विवश

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