मन के घाव

मन के घाव भी भरने जरूरी हैं
तेरे-मेरे नैन भी मिलने जरूरी हैं
आकाश से धरती के जो हैं फासले तय हैं
बरस कर बूंद तुझमें ऐ जमीं !
मिलना जरूरी है…


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5 Comments

  1. Pt, vinay shastri 'vinaychand' - December 1, 2020, 1:20 pm

    बहुत खूब

  2. Geeta kumari - December 1, 2020, 1:57 pm

    बहुत खूब

  3. vivek singhal - December 1, 2020, 6:58 pm

    👌👌👌👏👏

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