माँ सरस्वती

झंकार उर में मात कर दो,
माँ वीणा पाणी वर दायनी

हैं अवगुण जहाँ,
हुंकार भर दे

अज्ञान तम दूर भागे,
मेरे सर पे हाथ रख दो

झंकार उर में मात करदो

-विनीता श्रीवास्तव(नीरजा नीर)-


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4 Comments

  1. Vinita Shrivastava - July 24, 2018, 11:16 am

    dhanyawad

  2. Kanchan Dwivedi - March 8, 2020, 5:45 pm

    Nice

  3. Satish Pandey - July 31, 2020, 10:08 am

    वाह

  4. Satish Pandey - July 31, 2020, 10:10 am

    जय माँ शारदे

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