माँ

माँ

माँ! तुम बहुत याद आती है,
जब मै अकेले मे होता ,
आपका चेहरा नजर आता आँसु को रोक ना पाता ।।
मेरी अब ख्वाहिश है एे खुदा,
मै फिर से माँ के पास आ जाऊ, माँ के आँचल मे इस तरह लिपट जाऊ।
कि मै फिर से न्नहा हो जाऊ।
माँ !!
तेरी ही खुशी के खातिर–
अब मै चल रहा हूँ सही रास्तो पर तेरे भी कुछ सपने होगे
खंडर जैसे मंजिल को सजाने की।।

ज्योति
mob no 9123155481


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4 Comments

  1. राही अंजाना - May 16, 2018, 8:40 pm

    Waah

  2. Kanchan Dwivedi - March 8, 2020, 7:33 pm

    Nice

  3. Satish Pandey - July 31, 2020, 10:19 am

    मां पर बहुत खूब लिखा है

  4. Satish Pandey - July 31, 2020, 10:19 am

    वाह वाह

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