माँ

माँ आपकी बहुत याद आती है
जब भी मैं पहले घबरा जाती थी, तो मां आप मुझे अपने गले लगा लेती थी,
अब जब भी मैं परेशान होती हूँ, तो अकेले एक कोने में बैठ के खूब सारा रो लेती हूँ,
माँ क्यों अपने मन की बात आप से नहीं कर पाती हूँ
माँ आपको गले लगाने का बहुत मन करता है | आपकी गोद पे अपना सर रखना चाहती हूँ,
माँ बहुत याद आता है वो पल जब मेरे सफल होने पर आपका दौड़ कर खुशी से गले लगाना ।
बहुत याद आता है, माँ आपका शिक्षक बनकर नई-नई बातें सिखाना अपना अनोखा ज्ञान देना ।
माँ बहुत याद आता है कभी दोस्त बन कर हँसी मजाक करना,
मेरे पागलपन के साथ और मेरे खुशियों के साथ शामिल होना,
माँ बहुत याद आता है, मेरी खामोशी को समझ लेना और आप मुझ से पूछते थे कि तुझे क्या हुआ है?
माँ बहुत याद आता है, कभी गुस्से से डाँट कर चुपके से पुकारना फिर सिर पर अपना स्नेह भरा हाथ फेरना ।
माँ मैं बहुत अकेली सी हो गई हूँ इस दुनिया की भीड़ में, आप फिर से मुझे अपनी दुनिया में वापस बुला लो,
वो अपना ममता का साया वो स्नेह भरा प्रेम मुझे दे दो…

Previous Poem
Next Poem

लगातार अपडेट रहने के लिए सावन से फ़ेसबुक, ट्विटर, इन्स्टाग्राम, पिन्टरेस्ट पर जुड़े| 

यदि आपको सावन पर किसी भी प्रकार की समस्या आती है तो हमें हमारे फ़ेसबुक पेज पर सूचित करें|

6 Comments

  1. राही अंजाना - August 27, 2019, 4:34 pm

    वाह

  2. Khas Paisa - August 30, 2019, 4:43 pm

    वाह

  3. Khas Paisa - August 30, 2019, 4:43 pm

    i love mom

  4. Riya Sharma - August 30, 2019, 4:48 pm

    wawoo so nice 🙂 🙂

  5. Anu Mehta - August 30, 2019, 5:16 pm

    thank u ji

Leave a Reply