मां पापा इस जीवन की पतवार

मां पापा तो मेरे इस जीवन की पतवार
नहीं चुका पाएंगे हम मां पापा के उपकार
मां से पाया जीवन और मिले संस्कार
पापा ने दी शिक्षा, दिखलाया है संसार
मां पापा से ही जीवन में है खुशियां
मां पापा से ही जीवन है उजियार
दिल ना दुखाओ कभी इनका भूल से भी
सेवा करना है सदा इनकी करना है सत्कार
सर्वस्व हम बच्चों पर

Related Articles

दुर्योधन कब मिट पाया:भाग-34

जो तुम चिर प्रतीक्षित  सहचर  मैं ये ज्ञात कराता हूँ, हर्ष  तुम्हे  होगा  निश्चय  ही प्रियकर  बात बताता हूँ। तुमसे  पहले तेरे शत्रु का शीश विच्छेदन कर धड़ से, कटे मुंड अर्पित करता…

Responses

New Report

Close