मां सरस्वती

हे मां शारदे करो मेरा अभिनन्दन स्वीकार,
अज्ञानता को दूर कर करो मातृ हम पर उपकार।
हाथ जोड़ विनती करूं शीश झुका करूं प्रणाम,
नव कण्ठ स्वर चेतना का भर दो मां शारदे भण्डार।।

✍महेश गुप्ता जौनपुरी


लगातार अपडेट रहने के लिए सावन से फ़ेसबुक, ट्विटर, इन्स्टाग्राम, पिन्टरेस्ट पर जुड़े| 

यदि आपको सावन पर किसी भी प्रकार की समस्या आती है तो हमें हमारे फ़ेसबुक पेज पर सूचित करें|

4 Comments

  1. Pragya Shukla - June 21, 2020, 6:07 pm

    👏👏

  2. Pt, vinay shastri 'vinaychand' - June 21, 2020, 7:20 pm

    Nice

  3. Abhishek kumar - July 10, 2020, 11:19 pm

    त्रुटियाँ हैं पर भाव अच्छे हैं

  4. Abhishek kumar - July 31, 2020, 2:42 am

    👏👏

Leave a Reply