मासुम

मासूम

छोटे से नन्हे हाथो में घडा आ गया,
ये बचपन समझदारी में बदल गया ।
हाथो में खिलौनो के जगह,
कन्धो पर जिम्मेदारी आ गया ।
छोटे से नन्हे हाथो में घडा आ गया,
मासूम को देखकर दिल भर गया ।
महंगाई बेवसी से गस्त खाकर,
बचपन ना जाने कहा खो गया ।
छोटे से नन्हे हाथो में घडा आ गया,
बचपन की शरारत ना जाने कहा खो गया।
होठो पर मुस्कान देखा,
दिल मेरा रूदन सा हो गया ।

महेश गुप्ता जौनपुरी
मोबाइल- 9918845864

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