मास्क लगाना है

*****हास्य रचना*****

कल शाम को
बाज़ार गई थी
लाने को अपना कुछ सामान
सात महीने पहले सिलाया ,
नया सूट पहना,
लॉक डाउन ना होता तो
अब तक तो हो जाता वो पुराना
पहले चुनरी उठाई
चेहरे पे थोड़ी क्रीम लगाई
लिपस्टिक लगाने को,जैसे ही उठाई
ओह, मास्क भी लगाना है
ये बात याद आई
बेचारी लिपस्टिक अभी तक रो रही है
सात महीने में तो उठाई थी,
पता नहीं क्यूं कर गई मुझे
इग्नोराय नमः

*****✍️गीता


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10 Comments

  1. Devi Kamla - October 18, 2020, 7:31 am

    वाह वाह, बहुत खूब

  2. Satish Pandey - October 18, 2020, 7:49 am

    यह कवि गीता जी की बहुत सुंदर हास्य रचना है। हास्य के साथ साथ यथार्थ समाया हुआ है। बहुत खूब वाह

    • Geeta kumari - October 18, 2020, 8:16 am

      बहुत बहुत धन्यवाद आपका सतीश जी 🙏 हास्य कविता आपको अच्छी लगी इसके लिए आपका हार्दिक आभार.

  3. Pragya Shukla - October 18, 2020, 9:36 am

    वाह! बहुत खूब

  4. Anu Singla - October 18, 2020, 10:37 am

    Wah

  5. Pt, vinay shastri 'vinaychand' - October 18, 2020, 8:16 pm

    अतिसुंदर

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