मुक्तक

तुमको देखकर मेरे ख्याल मचलते हैं!
तुमको सोचकर मेरे ख्वाब बहलते हैं!
किसतरह हालात पर लगाऊँ मैं बंदिशें?
मुझको दर्द के कदम दिन रात कुचलते हैं!

मुक्तककार – #महादेव’


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Lives in Varanasi, India

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3 Comments

  1. Panna - September 29, 2016, 4:14 pm

    nice one sir

  2. Mithilesh Rai - October 16, 2016, 6:04 am

    धन्यवाद

  3. Pragya Shukla - April 8, 2021, 11:09 pm

    वेरी नाइस सर

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