मुक्तक

एक मुक्तक

चढा सूरज भी उतर जायेगा
तपन पर मेघ बरस जायेगा |
देख अंधेरा धैर्य को रखना
तिमिर को चीर प्रकाश आयेगा ||
उपाध्याय…

Related Articles

सफलता

सफलता ———– बुझ रहे हो दीयें सारे, ओट कर.. जलाए रखना। जल विहीन भूमि से भी, तुम…. निकाल लोगे जल.. विश्वास को बनाए रखना। अंधकार…

दुर्गा भाभी-01

उम्मीद की लौ जल-जल के बुझ रही थी नाउम्मीदी के तिमिर में, हर साँस जल रही थी परालम्बन भरे जीवन से मुक्ति हमें दिलाने वीर-…

Responses

New Report

Close