मुखौटे

मुखौटे लगा कर,
आते हैं कुछ लोग
कभी हंसाकर कभी रुलाकर,
चले जाते हैं कुछ लोग
कभी जोकर का मुखौटा,
लगाकर हंसाया
कभी भूत-प्रेत का मुखौटा,
लगाकर डराया
मुखौटे लगा कर,
मन बहलाते हैं लोग
ना जाने ऐसा कैसे,
कर पाते हैं कुछ लोग

*****✍️गीता


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7 Comments

  1. vivek singhal - November 19, 2020, 10:54 am

    ????

  2. Pt, vinay shastri 'vinaychand' - November 21, 2020, 8:37 am

    अतिसुंदर

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