मेरी जिंदगी

मेरी जिंदगी अब उलझ गई
मेरी हर खुशी अब बिखर गई २
अब क्यों मैं करू किसी से गिला
जो था किस्मत में वही तो मिला
जो…….था किस्मत में …….वही तो मिला
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इस दुनियाँ से कुछ ना चाहूँ
मेरे रब से बस इतना पूछना चाहूँ
मेरा रब क्यों तु मुझसे रूठा लगे
मेरा हर सपना अब टूटा लगे
मैं गाऊँ अगर कोई गीत तो सब झूठा लगे
मेरी जिंदगी अब उलझ गई
मेरी हर खुशी अब बिखर गई
मेरी हर खुशी अब ……..बिखर गई

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1 Comment

  1. महेश गुप्ता जौनपुरी - September 17, 2019, 11:50 pm

    वाह बहुत सुन्दर

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