मेरे बापू गांधी

मेरे बापू

चरखा के बल पर जिसने
देश भक्ति को जगाया था
गजब का हुंकार था
बापू के जज़्बातों में

सत्य अहिंसा की लाठी से
जिसने धुल चटाया था
खदेड़ गोरों के सैनिक को
देश का मान बढ़ाया था

गोरों को लोहे का चना चबवाया
देश को अपने आजाद कराया
सत्य अहिंसा का लेकर अस्त्र शस्त्र
बापू ने भारत देश का गौरव बढ़ाया

गोरों के अत्याचारों से गली शहर सहमे थे
बापू के आहट से ही गोरे डरें डरें छिपते थे
बापू के आगे गोरे भी नतमस्तक थे
ऐंनक पहने लाठी लेकर देश पर समर्पित थे

महेश गुप्ता जौनपुरी

Published in हिन्दी-उर्दू कविता

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