मेरे मन

मेरे मन
अकेला जानकार मुझे
सहानुभूति का भाव भरो
अर्जुन नहीं हूँ परंतु अभिनय करना है
श्रीकृष्ण सा समझाया करो
भगवान् का अस्तित्व स्वीकार है
खाली समय प्रभु भक्ति में
विताया करो
प्रदूषण में भी अच्छे विचार खोजकर
लाया करो
प्रेरित करने के लिए मुझे संघर्ष से
सफलता के किस्से सुनाया करो
दुनिया खूबसूरत है बदलने की जरूरत नहीं
ख़ुद को बदलना सिखाया करो
जब सौप दिया जीवन का भार
करतापन का भाव मिटाया करो
मांग कर शर्मिंदा मत करो दाता को
संतोष से सुख पाया करो
अकेला समझकर शैतान सताता है
व्यस्त रहकर सत्कर्म में भगाया करो

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