मैं गुजरा हुआ वक्त हूं…

मैं गुजरा हुआ वक्त हूँ…
समंदर की लहर नही जो लौटकर फिर साहिल पर आऊँगा।
फैसला आपका है…
कदर करो या यूं ही जाने दो मुझे पर मैं फिर से मौका न दे पाऊँगा।

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Responses

  1. गुजरा वक्त,
    लहरों सा तो नहीं…
    पर गुजरा वक्त यादों में जिंदा रहता है।

  2. बहुत सही कहा
    —– बहुत ही उच्चस्तरीय कविता, बहुत सुंदर कविता।

  3. क्या बात है क्या सोच है आपकी गुजरा हुआ वक्त लहरों की तरह होता है जो लौट कर वापस नहीं आता बहुत उच्च स्तरीय

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