मैं नहीं माखन खाया

कहे नटवर मैया से, मैं कब माखन खाया।
झूठ के गगरी, समस्त ब्रजवासी है लाया।।
मैं तो था ,अपने भैया बलराम के संग।
अब आप ही बताए, मै कैसे माखन खाया।।


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10 Comments

  1. Ritika bansal - August 6, 2020, 2:55 pm

    nice

  2. Geeta kumari - August 6, 2020, 2:59 pm

    सुंदर

  3. Satish Pandey - August 6, 2020, 4:32 pm

    अतिसुन्दर

  4. Pt, vinay shastri 'vinaychand' - August 6, 2020, 5:32 pm

    बभ
    बढ़िया

  5. Suman Kumari - August 6, 2020, 5:36 pm

    बहुत ही अच्छी कविता

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