मैं शिक्षक हूँ…

मैं शिक्षक हूँ संसार में ज्ञान फैलाता हूँ
अपनी कलम की धार को
अपने साहित्य की तलवार बनाता हूँ।
तुम जी लो तुम्हारे लिए यह नया मन्ज़र है
मैं तो हर मन्ज़र के उस पार एक समंदर बनाता हूँ।

🌹🌹शुभ रात्रि🌹🌹🎑


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5 Comments

  1. मोहन सिंह मानुष - August 1, 2020, 8:45 am

    बहुत खूब

    • Abhishek kumar - August 1, 2020, 12:15 pm

      बहुत-बहुत बधाई मानुष जी सर्वश्रेष्ट कवि बनने पर।🎖🏆🏅

  2. Geeta kumari - August 1, 2020, 11:10 am

    खूबसूरत रचना

  3. Pt, vinay shastri 'vinaychand' - August 1, 2020, 12:51 pm

    अतिसुंदर प्रस्तुति

  4. प्रतिमा चौधरी - September 26, 2020, 1:36 pm

    बहुत सुंदर अभिव्यक्ति

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