मैत्री

मैत्री म्हनजे गोड, निरागस, सुंदर, प्रेमल नातं, कधी हसवनारं तर कधी क्वचित रडवनारं…||ध्रू|| मैत्री म्हनजे जिव्हाला, एकमेकांबाबत मनात कलवला, मैत्री म्हनजे एक सुंदर जिव्हाल्याचा खेल, कधी चिडनारा तर कधी रुसनारा मजेशीर खेल…||1|| मैत्री म्हनजे सुंदर ताल, मैत्री म्हनजे दोस्तीची ढाल, मैत्री म्हनजे गोड सूर, मैत्री म्हनजे दोस्तीचा नूर…||2|| मैत्री म्हनजे चिंतन, मैत्री म्हनजे मनन,मैत्री म्हनजे गोड आठवन, मैत्री म्हनजे सुंदर स्वप्नांची साठवन…||3|| मैत्री म्हनजे जीवन, मैत्री म्हनजे मरन, मैत्री म्हनजे एक कोमल, मुलायम नातं, आयुश्यभर टिकनारं, कधीही न संपनारं…||4||

Related Articles

दुर्योधन कब मिट पाया:भाग-34

जो तुम चिर प्रतीक्षित  सहचर  मैं ये ज्ञात कराता हूँ, हर्ष  तुम्हे  होगा  निश्चय  ही प्रियकर  बात बताता हूँ। तुमसे  पहले तेरे शत्रु का शीश विच्छेदन कर धड़ से, कटे मुंड अर्पित करता…

रहस्य जीवन

रहस्य जीवन अनेक प्रश्न निरुत्तर प्रश्न संभव जीवन संभव मोक्ष निरर्थक प्रश्न पुनर्जन्म संभव जन्म सार्थक प्रश्न मृत्यु प्रश्न सत्य प्रश्न यथार्थ प्रश्न प्रारब्ध चिंतन…

Responses

  1. I am Suvo Sarkar of Emirates NBD bank. I wish to share a business proposal with you, it is in connection with your last name. Please contact me on my email at (sarkarsuvo611@gmail.com) so that i will get back to you soonest.

New Report

Close