मोहब्बत

ये पता है कि दुश्वारियां बहुत हैं
मोहब्बत की पथरीली राहों में ।
न जाने फिर भी क्यों बेचैन रहता है
दिल सिमटने को किसी की बाहों में।
वीरेंद्र सेन प्रयागराज


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4 Comments

  1. Pragya Shukla - November 16, 2020, 9:58 pm

    बहुत खूब👌👌👏👏
    कम शब्दों में बड़ी बात

  2. Suman Kumari - November 17, 2020, 3:57 pm

    सुन्दर

  3. Pt, vinay shastri 'vinaychand' - November 18, 2020, 8:00 am

    बेहतरीन

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