मौसम

जय-जय शिव शंकर
सर्दी हुई भयंकर
जय-जय बम भोले,
गिरने लगे हैं ओले
आई तेजी से बरखा रानी,
झमाझम बरसा पानी
सर्दी से कांपे है तन,
निकला सा जाता है दम
ऐसे मौसम में हाए
गरम चाय बड़ी सुहाए
______✍️गीता


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6 Comments

  1. Pt, vinay shastri 'vinaychand' - January 5, 2021, 2:58 pm

    वाह बहुत खूब

  2. Satish Pandey - January 5, 2021, 9:34 pm

    ठंड में चाय की जरूरत को बहुत खूबसूरती से प्रस्तुत लिया गया है। अति उत्तम रचना

  3. Geeta kumari - January 5, 2021, 10:04 pm

    आपकी दी गई सुन्दर समीक्षा हेतु आपका हार्दिक धन्यवाद सतीश जी

  4. MS Lohaghat - January 5, 2021, 10:56 pm

    बहुत खूब

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