यह दुःख ही सच्चा अपना

सुख के झूठे मुखोटो का क्या मौल
यह दुःख ही सच्चा अपना, जो हमने झैला है


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Panna.....Ek Khayal...Pathraya Sa!

10 Comments

  1. Pragya Shukla - June 28, 2020, 5:22 pm

    मुखौटों, मोल, झेला

  2. Pt, vinay shastri 'vinaychand' - June 28, 2020, 8:57 pm

    न शब्द देखेंगे न अर्थ देखेंगे हम भाव के हैं भूखे भावार्थ देखेंगे।
    अच्छी सोच

    • Panna - June 28, 2020, 9:09 pm

      Dhanyawaad Vinay ji

    • Pragya Shukla - June 29, 2020, 10:23 am

      शब्द और अर्थ के बिना अर्थ का अनर्थ हो जाता है। मैं हिन्दी की स्टूडेंट हूँ तो मुझे ये सब देखना पड़ता है।
      कभी-कभी नज़रंदाज़ जरूर कर देती हूँ ंमगर हमेशा और हर किसी को नहीं।

      • Abhishek kumar - July 10, 2020, 11:02 pm

        सही कहा आपने

  3. Ritika bansal - June 29, 2020, 11:38 am

    nice lines

  4. Satish Pandey - July 11, 2020, 1:29 pm

    अच्छा प्रयास

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